One thought on “a poem in Hindi-miyaan tiyaan”

  1. मीयां-टींया
    मीयाँ -टीयाँ कट्टरपंथी
    मीयाँ -टीयाँ पाकिस्तानी
    मीयाँ का मिस्वाक
    मीयाँ की पोशाक
    टोपी-टोंटी ठाक !
    मीयाँ है नापाक

    मीयाँ की हर बात निराली
    उल्टी ओर से उर्दू लिख्खें
    हिंदी को दें गाली
    मूंछ तराशें, रख्खें दाढ़ी
    मुल्ला, हांफिज, कारी
    चेहरे से खूंख्वाफर
    अन्दर से गद्दार
    शक में है किरदार

    कैसे चलती रोज़ी रोटी
    कैसे चलती गाड़ी
    देश छोड़कर जायें खाड़ी
    रकमें भेजें भारी
    चार बीवियां, चौंसठ बच्चे
    खाएं बैठ -बिठारी
    खाएं बैठ बिठारी
    अब तो लगेगी सब पर रोक

    मीयां मांसाहारी को आर्डर हो सरकारी
    कि अब खाएं वे तरकारी
    वरना होगी मारा-मारी
    खाएं वे तरकारी
    वरना, वरना, वरना !

    — तारिक अहमद सिद्दीकी
    1998

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *